भारत में बहुत सारे इलेक्ट्रिक वाहन यूजर या इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने वालों का सबसे बड़ा सवाल होता है कि ईवी चार्जिंग की लागत कितनी होती है, क्योंकि ईवी यूजर जानना चाहते हैं कि कौन सी चार्जिंग विकल्प सस्ती होती है। कुछ लोग सोचते हैं कि ईवी चार्जिंग सस्ती होती है, जबकि कई लोग ईवी चार्जिंग को महंगी मानते हैं। लेकिन वास्तव में यहां जानकारी की कमी होती है। असल में इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग की कीमत बैटरी साइज, चार्जर के प्रकार और बिजली दर पर निर्भर करती है।
इस ब्लॉग पोस्ट में हम साफ तरीके से समझेंगे कि घरेलू ईवी चार्जिंग की कीमत कितनी है, पब्लिक चार्जिंग स्टेशन पर ईवी चार्जिंग की कीमत कितनी है और ईवी चार्जिंग कॉस्ट पर कलोमीटर। ईवी बैटरी की क्षमता और चार्जर के प्रकार के अनुसार जानेंगे ताकि आप ईवी खरीदने का निर्णय और चार्जिंग के सही तरीके का निर्णय ले सकें।
Table of Contents
ईवी चार्जिंग की लागत कितनी होती है?
ईवी चार्जिंग की लागत का मतलब है कि आपके इलेक्ट्रिक वाहन को चार्ज करने में कितनी बिजली खर्च होती है और बिजली खर्च कितना आता है। यह खर्च फुल चार्जिंग की कीमत या प्रति यूनिट बिजली के हिसाब से समझा जा सकता है। बहुत सारे लोग पेट्रोल की तरह समझते हैं, लेकिन ईवी की चार्जिंग कीमत बैटरी साइज, चार्जिंग तरीका और बिजली दर पर निर्भर करती है। यही चीजों को समझे बगैर लोग इलेक्ट्रिक वाहन को महंगा समझ लेते हैं, जबकि वास्तविकता कुछ और ही होती है।
ईवी चार्जिंग की लागत किन बातों पर निर्भर करती है
बिजली की प्रति यूनिट कीमत
ईवी चार्जिंग की लागत सीधे तौर पर बिजली यूनिट पर निर्भर करती है। भारत में अलग-अलग राज्यों में बिजली की कीमत अलग-अलग होती है। घरेलू बिजली सस्ती होती है और पब्लिक चार्जिंग स्टेशन पर कमर्शियल बिजली महंगी होती है। यही वजह है कि घर पर चार्जिंग सस्ती पड़ती है। बिजली की कीमत जितनी कम होगी, ईवी चार्जिंग की कीमत भी उतनी ही कम होगी।
बैटरी की क्षमता (kWh)
इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग की कीमत बैटरी kWh पर निर्भर करती है। की एक ईवी को फुल चार्ज करने में कितने यूनिट बिजली लगेगी। अगर ईवी बैटरी 20 kWh की है तो इसे फुल चार्ज करने में लगभग 20 यूनिट के आस-पास बिजली खर्च होगी, वहीं 40 kWh की बैटरी को चार्ज करने में दोगुनी बिजली यूनिट लगेगी। बड़ी साइज वाली ईवी बैटरी में ज्यादा रेंज होती है, लेकिन उसमें चार्जिंग यूनिट भी ज्यादा लगती है। इसलिए ईवी भी खरीदते समय सिर्फ रेंज पर नहीं बल्कि बैटरी क्षमता पर ध्यान देना चाहिए।
चार्जिंग का प्रकार: AC और DC चार्जर
AC चार्जर से ईवी चार्ज करने की कीमत सस्ती होती है, लेकिन AC चार्जर की चार्जिंग स्पीड धीमी होती है, इसलिए ज्यादातर लोग घर पर एसी चार्जिंग का इस्तेमाल करते हैं। वही DC फास्ट चार्जर की चार्जिंग स्पीड तेज होती है, लेकिन इसमें प्रति यूनिट बिजली या फिर चार्जिंग समय के हिसाब से पैसा लिया जाता है और इसकी कीमत ज्यादा होती है। कम समय में ज्यादा चार्ज करने के लिए DC फास्ट चार्जिंग फायदेमंद विकल्प है, लेकिन रोजमर्रा के उपयोग में यह आपकी जेब पर भारी पड़ सकती है।

घर पर ईवी चार्जिंग की लागत कितनी आती है
घरेलू बिजली से ईवी चार्ज करने का खर्च
घर पर ईवी चार्ज करना सबसे सस्ता और सुरक्षित विकल्प माना जाता है। क्योंकि घरेलू बिजली दर लगभग ₹6 से ₹10 प्रति यूनिट (kWh) के बीच आती है। अगर आप 30 kWh वाली ईवी बैटरी को चार्ज करते हैं तो आपका टोटल खर्च लगभग ₹180 से ₹300 के बीच आता है। यही चार्ज में लगभग 200–250 किलोमीटर तक चल सकती है। यह पेट्रोल-डीजल गाड़ी के मुकाबले काफी सस्ती होती है। यही कारण है कि ज्यादातर ईवी यूजर्स घरेलू चार्जिंग को प्राथमिकता देते हैं।
महीने में ईवी चार्जिंग का कुल खर्च
अगर आप रोजाना 30–40 किलोमीटर ईवी चलाते हैं तो महीने में लगभग 300–400 यूनिट बिजली खर्च होगी और इसी हिसाब से आपके पूरे महीने ईवी चार्ज करने का खर्च ₹2100-₹2800 के बीच आता है। यह पेट्रोल-डीजल गाड़ियों से कई गुना सस्ती पड़ती है, हालांकि ज्यादा ड्राइविंग करने वालों के लिए खर्च बढ़ भी सकता है, फिर भी पारंपरिक ईंधन के मुकाबले कीमत सस्ती ही रहती है।
होम ईवी चार्जर लगाने की शुरुआती लागत
घर पर ईवी चार्जिंग चार्जर लगाने के लिए वॉल बॉक्स या पोर्टेबल चार्जर की जरूरत होती है। इसकी कीमत लगभग ₹15,000 से ₹60,000 तक होती है। इसके अलावा वायरिंग और इंस्टॉलेशन में भी कुछ खर्च आता है, बस यह एक बार का खर्च होता है जिसे लोग नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन लंबे समय में होम चार्जर आपकी लागत को काफी कम कर देते हैं।
पब्लिक ईवी चार्जिंग स्टेशन पर ईवी चार्जिंग कॉस्ट
AC चार्जिंग स्टेशन पर खर्च
AC चार्जिंग स्टेशन पर ईवी चार्जिंग की लागत लगभग ₹10 से ₹16 प्रति यूनिट बिजली होती है, जो डीसी चार्जिंग के मुकाबले काफी सस्ती होती है। और कुछ चार्जिंग स्टेशन पर घंटे के हिसाब से पैसा लिया जाता है। AC चार्जिंग स्टेशन ज्यादातर शॉपिंग मॉल, ऑफिस और पार्किंग एरिया जैसी जगहों पर देखने को मिलती है।
DC फास्ट चार्जिंग की लागत
DC फास्ट चार्जिंग का इस्तेमाल इमरजेंसी या समय बचाने के लिए किया जाता है क्योंकि इसकी कीमत ज्यादा होती है। इस चार्जर से चार्जिंग की प्रति यूनिट कीमत ₹15 से ₹25 होती है। कुछ स्टेशनों पर तो समय के हिसाब से पैसा लिया जाता है। इस चार्जर का इस्तेमाल हमेशा के लिए सही नहीं है क्योंकि इससे बैटरी लाइफ कम होने लगती है।
अलग-अलग नेटवर्क में कीमत का फर्क
भारत में बहुत सारे चार्जिंग नेटवर्क उपलब्ध हैं, जैसे Tata Power, Statiq, और ChargeZone, और इन सभी चार्जिंग नेटवर्क की कीमत अलग-अलग होती है। कुछ तो सब्सक्रिप्शन मॉडल भी ऑफर करते हैं जिससे चार्जिंग की कीमत सस्ती पड़ती है। बिना तुलना किए किसी एक चार्जिंग नेटवर्क पर निर्भर रहना नुकसानदेह है।
ईवी चार्जिंग कॉस्ट पर कलोमीटर
ईवी का प्रति किलोमीटर खर्च कैसे निकालें
ईवी का प्रति किलोमीटर खर्च निकालने के लिए कुल चार्जिंग लागत को गाड़ी के रेंज से भाग दिया जाता है। उदाहरण के लिए, ₹180 में 240 km रेंज मिलती है, तो प्रति km खर्च लगभग ₹0.75 होता है। ईवी चार्जिंग की असली किफायती खर्च को जानने के लिए यह तरीका सही है।
पेट्रोल और डीज़ल गाड़ियों से EV की तुलना
जहां पेट्रोल-डीजल गाड़ी को चलाने के लिए प्रति किलोमीटर खर्च ₹5–₹8 आता है, वहीं ईवी को चलाने का खर्च ₹1 से ₹1.50 के बीच आता है। घरेलू चार्जिंग के लिए यह कीमत और भी सस्ती हो जाती है। डीसी फास्ट चार्जिंग में थोड़ी बढ़ जाती है, फिर भी पेट्रोल-डीजल कार के मुकाबले काफी सस्ती होती है।
शहर और ग्रामीण इलाकों में ईवी चार्जिंग लागत का फर्क
शहरों में बिजली की कीमत महंगी होती है और पब्लिक चार्जिंग स्टेशन ज्यादा होते हैं। इसलिए शहरों में ईवी चार्जिंग की लागत ज्यादा होती है। वहीं ग्रामीण इलाकों में बिजली की कीमत सस्ती और पब्लिक चार्जिंग स्टेशन कम होते हैं। अगर ग्रामीण इलाकों में घरेलू ही चार्जिंग की सुविधा है तो चार्जिंग लागत काफी कम होती है; शहर में पब्लिक चार्जिंग स्टेशन पर निर्भरता के कारण लागत बढ़ जाती है।
ईवी चार्जिंग की लागत कम करने के व्यावहारिक तरीके
अपनी ईवी को ऑफ-पीक चार्ज करना चाहिए क्योंकि इस समय पर चार्ज करने से बिजली सस्ती पड़ती है और ग्रिड पर दबाव भी कम पड़ता है। वहीं, रोज-रोज फास्ट चार्जिंग न केवल आपकी लागत बढ़ाती है बल्कि आपकी ईवी बैटरी को भी नुकसान पहुंचाती है, इसलिए फास्ट चार्जिंग सिर्फ जरूरत के लिए ही इस्तेमाल करें। यह चार्जिंग आदत आपको खर्च घटाने में काफी मदद करती है।
सरकारी सब्सिडी और फ्री ईवी चार्जिंग
कई राज्यों में सरकार की तरफ से फ्री चार्जिंग सब्सिडी सुविधा मिलती है। मॉल और ऑफिस में मिलने वाली फ्री चार्जिंग का सही इस्तेमाल आपकी लागत को और भी घटा सकता है, लेकिन यह हर जगह उपलब्ध नहीं है और इस पर निर्भर रहना मूर्खता है।
भविष्य में ईवी चार्जिंग की लागत सस्ती होगी या नहीं?
भारत में ईवी चार्जिंग की लागत सोलर चार्जिंग, बेहतर बैटरी टेक्नोलॉजी और सरकारी नीतियों की वजह से भविष्य में चार्जिंग कीमत सस्ती होने की पूरी संभावना है। जैसे-जैसे चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर बढ़ेगा, कंपटीशन कम होगा, तो चार्जिंग रेट सस्ती हो सकती है।
ईवी चार्जिंग की लागत से जुड़ी आम गलतफहमियाँ
बहुत सारे लोगों को लगता है कि ईवी चार्जिंग महंगी है या बैटरी जल्दी खराब हो जाती है, जबकि सच तो यह है कि गलत जानकारी और गलत उपयोग इसकी वजह है। सही तरीके से इस्तेमाल करने से ईवी किफायती और लंबे समय में काफी फायदेमंद साबित होती है।
निष्कर्ष
ईवी चार्जिंग की लागत देखी जाए तो पेट्रोल-डीजल के मुकाबले काफी सस्ती है, खासकर अगर आप घर पर ईवी चार्जिंग करते हैं। सही चार्जिंग का तरीका, बैटरी साइज की समझ, और फास्ट चार्जिंग का सीमित उपयोग करने से ईवी चार्जिंग की कीमत को और भी घटाया जा सकता है। अगर आप रोज ड्राइविंग करते हैं और घर पर चार्जिंग की सुविधा है, तो ईवी आपके लिए सुरक्षित और लॉन्ग टर्म में फायदेमंद विकल्प साबित हो सकती है। इसलिए अगर आप ईवी खरीदना चाहते हैं या ईवी यूजर्स हैं, तो सही चार्जिंग तरीका को अपनाकर अपनी ईवी बैटरी की सुरक्षा के साथ-साथ लॉन्ग टर्म में काफी पैसा बचा सकते हैं।
FAQ
ईवी को घर पर चार्ज करने में कितना खर्च आता है?
घर पर ईवी चार्ज करने का खर्च बिजली की दर और बैटरी साइज पर निर्भर करता है।औसतन एक फुल चार्ज ₹150–₹250 में हो जाता है।इसमें 200–300 किलोमीटर तक की रेंज मिल जाती है।
पब्लिक ईवी चार्जिंग स्टेशन पर चार्जिंग महंगी क्यों होती है?
पब्लिक चार्जिंग स्टेशन पर कमर्शियल बिजली इस्तेमाल होती है।DC फास्ट चार्जिंग में तेज सुविधा के कारण ज्यादा शुल्क लिया जाता है।इसलिए यह घर की चार्जिंग से महंगी पड़ती है।
ईवी का प्रति किलोमीटर चार्जिंग खर्च कितना होता है?
ईवी का प्रति किलोमीटर खर्च लगभग ₹0.7 से ₹1.5 के बीच होता है।यह बैटरी एफिशिएंसी और चार्जिंग लागत पर निर्भर करता है।पेट्रोल गाड़ियों की तुलना में यह कई गुना सस्ता है।