भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। जैसे-जैसे ईवी बढ़ रहे हैं, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की भी मांग तेजी से बढ़ रही है। इस बढ़ती मांग की वजह से अलग-अलग शहरों में चार्जिंग स्टेशन खुल रहे हैं। ऐसे में अगर आप भी इस बढ़ते बिजनेस के अवसर में शामिल होकर अपना चार्जिंग स्टेशन शुरू करना चाहते हैं और वह भी सबसे बड़े चार्जिंग नेटवर्क, टाटा चार्जिंग स्टेशन डीलरशिप के साथ, तो यह आपके लिए एक अच्छा मौका है क्योंकि सरकार भी सपोर्ट कर रही है और आने वाले समय में यह बिजनेस बहुत बढ़ने वाला है।
लेकिन समझ नहीं आ रहा है कि कैसे स्टार्ट करें, क्या लागत आती है और क्या-क्या प्रक्रिया करने की जरूरत होती है। तो आज के इस लेख में आप जानेंगे कैसे आप टाटा पावर चार्जिंग स्टेशन डीलरशिप के साथ स्टार्टअप शुरू कर सकते हैं और अपनी जर्नी को बेहतर बना सकते हैं।
Table of Contents
टाटा चार्जिंग स्टेशन डीलरशिप क्या होती है?
टाटा चार्जिंग स्टेशन डीलरशिप पूरे भारत में तेजी से फैल रहा है। टाटा पावर डीलरशिप का मतलब है कि आप अपनी जमीन पर ईवी चार्जिंग स्टेशन लगाते हैं और टाटा पावर आपकी तकनीक, चार्जर, सपोर्ट और ऐप कनेक्टिविटी उपलब्ध करवाता है। इस मॉडल में तकनीकी जोखिम टाटा पावर उठाता है और आप इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध करवाते हैं।
भारत में EV चार्जिंग की जरूरत क्यों बढ़ रही है?
पिछले 3 वर्षों में इलेक्ट्रिक वाहन की बिक्री कई गुना बढ़ी है। पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों के कारण लोग ईवी अपनाना शुरू कर चुके हैं। सरकार की नीतियों के कारण ईवी और तेजी से बढ़ रही है, लेकिन चार्जिंग स्टेशन की संख्या अभी भी कम है, इसलिए इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन का बिजनेस लोगों के लिए बड़ा अवसर बन गया है।
टाटा चार्जिंग स्टेशन लगाने के लिए कितनी जगह चाहिए?
टाटा चार्जिंग स्टेशन डीलरशिप के लिए जमीन आपके चार्जर के प्रकार पर निर्भर करती है। AC चार्जर स्टेशन के लिए 200–400 sqft की जगह काफी होती है, जबकि DC फास्ट चार्जर स्टेशन के लिए 500–1500 sqft की जरूरत होती है। अगर आप 3–5 चार्जर लगाना चाहते हैं तो उस हिसाब से आपकी जगह और बढ़ सकती है। लगभग 2000–3000 sqft की आवश्यकता हो सकती है।
टाटा चार्जिंग स्टेशन लगाने की कुल लागत
टाटा चार्जिंग स्टेशन डीलरशिप की लागत आपके चार्जर के प्रकार पर निर्भर करती है। AC चार्जर, DC फास्ट चार्जर और अल्ट्रा फास्ट DC चार्जर साथ ही आप अपने चार्जिंग स्टेशनों पर कितना चार्जर लगना चाहते हैं इस चीज पर आपकी लागत निर्भर करती है।
AC चार्जर लागत
AC चार्जर स्लो चार्जिंग के लिए उपयोग होते हैं और इनकी कीमत सबसे कम होती है।
- चार्जिंग क्षमता: 3.3 kW – 7.4 kW
- अनुमानित लागत: ₹1,00,000 – ₹2,50,000
- चार्जिंग समय: 6–10 घंटे
AC चार्जर घर, ऑफिस और छोटी पार्किंग के लिए बेहतर माने जाते हैं।
DC फास्ट चार्जर लागत
DC फास्ट चार्जर हाई वोल्टेज पर तेजी से चार्ज करते हैं और EV स्टेशन में सबसे ज्यादा उपयोग होते हैं।
- चार्जिंग क्षमता: 15 kW – 60 kW
- अनुमानित लागत: ₹6 लाख – ₹35 लाख
- चार्जिंग समय: 30 मिनट – 1 घंटा
DC फास्ट चार्जर शहर के चार्जिंग स्टेशन, EV शोरूम और हाईवे स्टॉप्स में सबसे ज्यादा लगाए जाते हैं।
अल्ट्रा-फास्ट DC चार्जर लागत
अल्ट्रा-फास्ट EV को बहुत तेज चार्ज कर देते हैं और आने वाले समय में सबसे ज्यादा मांग इन्हीं की है।
- चार्जिंग क्षमता: 120 kW+ (120 kW – 350 kW)
- अनुमानित लागत: ₹35 लाख – ₹1.5 करोड़
- चार्जिंग समय: 15–30 मिनट
अल्ट्रा-फास्ट चार्जिंग हाईवे, बड़े शहरों, EV corridors और टैक्सी फ्लीट के लिए
अगर आपके पास शुरुआती लागत अभी कम है तो आप अपने बजट के हिसाब से 1AC + 1DC (15–60 kW) छोटे चार्जर से स्टार्ट कर सकते हैं। धीरे-धीरे कमाई बढ़ेगी तो चार्जर बढ़ा सकते हैं।
क्या ईवी चार्जिंग स्टेशन पर सरकार से सहायता मिलती है?
भारत में ईवी चार्जिंग स्टेशन को बढ़ावा देने के लिए कई राज्यों में बिजली दरों में छूट, सरल लाइसेंस और कुछ मामलों में सब्सिडी मिलती है। सबसे अच्छी बात यह है कि चार्जिंग स्टेशन खोलने के लिए पेट्रोल पंप जैसी भारी लाइसेंस की आवश्यकता नहीं होती है।
टाटा चार्जिंग स्टेशन के लिए जरूरी डॉक्यूमेंट्स
- आधार, पैन
- बैंक डिटेल
- जमीन के कागज़
- बिजली कनेक्शन दस्तावेज़
- जमीन आपकी न हो तो NOC
टाटा चार्जिंग स्टेशन से कितनी कमाई हो सकती है?
चार्जिंग स्टेशन से कमाई के लिए सबसे बड़ा आधार यह है कि आपके स्टेशन पर रोज कितनाी गाड़ियाँ चार्जिंग के लिए आती हैं; उसी हिसाब से आपकी कमाई डिसाइड होती है। 1 यूनिट चार्जिंग पर लगभग 10–12 रुपये का मुनाफा बनता है। आपकी कमाई के लिए लोकेशन का सही जगह पर होना बहुत जरूरी है।
- छोटा स्टेशन: ₹40,000–₹90,000
- मीडियम स्टेशन: ₹1.5–₹2 लाख
- हाईवे DC फास्ट चार्जिंग स्टेशन: ₹2–₹5 लाख+
कमाई लोकेशन और ट्रैफिक पर निर्भर करती है।
कौन लोग टाटा चार्जिंग स्टेशन डीलरशिप के लिए आवेदन कर सकते हैं?
कोई भी व्यक्ति टाटा चार्जिंग स्टेशन डीलरशिप के लिए आवेदन कर सकता है, जैसे दुकान मालिक, जमीन मालिक, होटल/रेस्टोरेंट मालिक या कंपनी, बस लोकेशन अच्छी हो और बिजली कनेक्शन उपलब्ध हो।
टाटा चार्जिंग स्टेशन के लिए आवेदन कैसे करें?
टाटा पावर की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर आपको आवेदन करना होगा, जिसमें नाम, फोन, ईमेल, अपनी जगह, जमीन, बिजली कनेक्शन और उपलब्ध स्पेस की जानकारी भरनी होगी। फिर कंपनी आपके लोकेशन की जांच करेगी। अप्रूवल मिलने पर इंस्टॉलेशन शुरू होता है। पूरी प्रक्रिया में सामान्यतः 15–30 दिन लग सकते हैं।
चार्जिंग स्टेशन के लिए सर्वश्रेष्ठ लोकेशन
ईवी चार्जिंग स्टेशन से 50-60% कमाई आपकी लोकेशन पर निर्भर करती है। हाईवे, मार्केट, सोसाइटी, रेस्टोरेंट, मॉल, कॉलेज रोड, ऑफिस एरिया और टोल के पास स्थान सबसे अच्छे होते हैं।
अच्छी लोकेशन = लगातार फुटफॉल = ज्यादा कमाई।
क्या यह बिज़नेस भविष्य में सुरक्षित है?
भारत सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले समय में ईवी यूजर्स लाखों में नहीं बल्कि करोड़ों में हों। जैसे-जैसे ईवी बढ़ेगी, जाहिर सी बात है कि चार्जिंग स्टेशन की जरूरत भी बढ़ेगी, इसलिए यह बिजनेस लंबे समय तक सुरक्षित, बढ़ता हुआ और कम जोखिम वाला माना जाता है।
लोग आपके चार्जिंग स्टेशन तक कैसे पहुंचेंगे?
अगर आपकी स्टेशन सही जगह पर अच्छी लोकेशन पर हो तो आपके पास गाड़ी आसानी से आ जाती है. चार्जिंग के लिए कुछ टाइम के बाद चार्जिंग स्टेशन फेमस हो जाती है, तो लोग खुद आपके पास आते हैं। ऑनलाइन की अगर बात की जाए तो Google Maps और टाटा पावर ऐप पर जाकर ‘ईवी चार्जिंग स्टेशन नियर मी‘ सर्च कर करके आपके स्टेशन तक पहुंचाते हैं। रास्ते पर लगा हुआ साफ और बड़ा साइनबोर्ड विजिबिलिटी बढ़ाता है। स्टेशन 24×7 खुला हो और बेसिक सुविधाएँ मौजूद हों, तो ग्राहक बार-बार आते हैं और दूसरों को भी आपके स्टेशन की सिफारिश करते हैं।
निष्कर्ष
ईवी चार्जिंग स्टेशन का बिजनेस अभी बढ़ती हुई चरण पर है। चार्जिंग स्टेशन की मांग लगातार बढ़ती जा रही है। सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले समय में हर 20 से 25 किमी पर एक चार्जिंग स्टेशन हो। ऐसे में आप अपना बिजनेस टाटा चार्जिंग स्टेशन डीलरशिप के साथ बेफिक्र स्टार्ट कर सकते हैं। यह सिर्फ आपके लिए एक बेहतर आय स्रोत नहीं है, बल्कि आप स्वच्छ भारत मिशन में शामिल हो जाते हैं। सही लोकेशन और पर्याप्त स्पेस के साथ यह बिजनेस आपके लिए स्थिर आय का स्रोत बन सकता है।