इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन: कैसे खोलें? फुल गाइड 2025

जिस प्रकार इलेक्ट्रिक वाहन का क्रेज बढ़ रहा है, वैसे में इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन की मांग लगातार भी बढ़ रही है। आने वाले समय में सरकार का लक्ष्य है कि हर 20 से 25 किमी पर एक चार्जिंग स्टेशन हो। तो इस समय चार्जिंग स्टेशन का बिजनेस शुरू करना एक अच्छा विकल्प है क्योंकि सरकार भी इस इंडस्ट्री को बढ़ाने में पूरी तरह अपनी सब्सिडी योजना से सपोर्ट कर रही है क्योंकि सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले समय में ज्यादा से ज्यादा गाड़ियां इलेक्ट्रिक वाहन हों।

तो अगर आप भी अपना ईवी चार्जिंग स्टेशन खोलना चाहते हैं, तो आने वाले समय में यह बिजनेस आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। लेकिन सवाल यह आता है कि खुद का EV चार्जिंग स्टेशन कैसे खोल सकते हैं, क्या लागत आती है, किस उपकरण की आवश्यकता होती है, और क्या-क्या गतिविधि शामिल है? तो आज के इस लेख के माध्यम से आप जानने वाले हैं कि आप खुद का एक अच्छा प्रॉफिटेबल चार्जिंग स्टेशन बिजनेस कैसे शुरू कर सकते हैं।

इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन खोलने के लिए किन चीज़ों की जरूरत होती है?

जमीन

इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन में सफलता पाने के लिए जमीन का सही जगह पर होना बहुत जरूरी है। अगर जगह सही चुनी जाए तो बिना ज्यादा मार्केटिंग के भी कस्टमर आते रहते हैं। लोकेशन ऐसी होनी चाहिए जहां गाड़ियों का आना-जाना हमेशा लगा रहता हो, पार्किंग स्पेस ठीक हो जिसमें गाड़ी अंदर-बाहर आसानी से आ-जा सके, और चार्जिंग पॉइंट ठीक से दिखे।

  • हाईवे, बाईपास या मुख्य सड़क के पास
  • 24×7 साफ विज़िबिलिटी
  • कम से कम 1000–1500 sq.ft. जगह
  • आसपास पार्किंग की पर्याप्त सुविधा
  • बिजली कनेक्शन उपलब्ध
  • CCTV व सुरक्षा का इंतज़ाम

अगर जमीन आपकी अपनी हो तो खर्च काफी कम हो जाता है, वहीं अगर किराए पर है, इस स्थिति में महीने का खर्च जुड़ जाता है।

बिजली कनेक्शन

इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन को घर की सामान्य बिजली पर नहीं चलाया जा सकता। इसके लिए हाई-लोड बिजली कनेक्शन की आवश्यकता होती है Slow, fast और DC चार्जर के अनुसार लोड की आवश्यकता अलग होती है।

  • Slow Charger: 10–15 kW
  • Fast AC Charger: 20–25 kW
  • DC Fast Charger (60–120 kW): अधिक बिजली लोड

EV चार्जिंग स्टेशन के बिजली कनेक्शन के लिए अपने राज्य की DISCOM (बिजली वितरण कंपनी) में आवेदन किया जाता है, जैसे BSES, Tata Power, MSEDCL, UPPCL आदि। आमतौर पर, आवेदन के अप्रूवल में 10 से 25 दिन लग सकते हैं।

चार्जर टाइप

अपनी चार्जिंग स्टेशन के लिए सही चार्जर का चुनाव बहुत जरूरी है क्योंकि लागत, चार्जिंग स्पीड और कमाई इन्हीं पर निर्भर करती है।

स्लो एसी चार्जर (3.3–7.7 किलोवाट): यह घरेलू उपयोग या शुरुआत करने वालों के लिए एक बेहतरीन और किफ़ायती विकल्प है। यह मुख्य रूप से 2-व्हीलर और 3-व्हीलर इलेक्ट्रिक वाहनों को चार्ज करने के लिए उपयुक्त है। इसकी लागत कम होती है और इससे एक EV को पूरी तरह चार्ज होने में आमतौर पर लगभग 5 से 9 घंटे लगते हैं।

फास्ट एसी चार्जर (22 kW): यह चार्जर 4-व्हीलर के चार्जिंग के लिए उपयुक्त है इस चार्जर से ईवी को चार्ज होने में लगभग 2.5–3.5 घंटे लगते हैं; इसकी कीमत मध्यम होती है।

DC फास्ट चार्जर (15–60 kW): यह चार्जर हाई ट्रैफिक क्षेत्रों और हाईवे के लिए उपयुक्त मानी जाती है। इसकी चार्जिंग टाइम 30–90 मिनट होती है। हालांकि इसकी लागत ज्यादा होती है, लेकिन कमाई भी इसी में ज्यादा होती है।

इससे भी ज्यादा KW की DC फास्ट चार्जिंग होती है, लेकिन वह अल्ट्रा-हाई-कैपेसिटी चार्जिंग है जो बड़े शहरों और राजमार्गों पर इस्तेमाल होती है; इसके लिए हाई पावर बिजली कनेक्शन की आवश्यकता होती है।

इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन खोलने की सरकारी गाइडलाइन

भारत सरकार ने ईवी चार्जिंग स्टेशन खोलने की प्रक्रिया को आसान बना दिया है। इसके लिए आपको किसी जरूरी गाइडलाइन की आवश्यकता नहीं होती है; बस कुछ जरूरी BIS-approved चार्जर और सुरक्षा नियमों का पालन करना होता है।

चार्जिंग स्टेशन खोलने के लिए लाइसेंस की जरूरत नहीं

  • हाई-लोड बिजली कनेक्शन अनिवार्य
  • Fire Safety और मीटरिंग व्यवस्था
  • सभी चार्जर BIS-certified होने चाहिए
  • पब्लिक चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर (PCI) मानकों का पालन

सरकार EV चार्जिंग पॉलिसी को लगातार सुधार रही है ताकि लोग आसानी से चार्जिंग नेटवर्क तैयार कर सकें।

EV चार्जिंग स्टेशन खोलने की लागत 2025

ईवी चार्जिंग स्टेशन खोलने में सबसे बड़ा खर्च चार्जर और बिजली सेटअप का आता है। Slow और AC Fast चार्जर कम बजट वालों के लिए ठीक है, जबकि DC फास्ट चार्जर हाई निवेश की मांग करता है।

चार्जर की कीमत

चार्जर की कीमत उसकी क्षमता पर निर्भर करता है।

  • AC Slow (3.3–7.7 kW): ₹50,000 – ₹1,20,000
  • AC Fast (22 kW): ₹2,50,000 – ₹3,50,000
  • DC Fast (15–30 kW): ₹7–12 लाख
  • DC Fast (60 kW): ₹15 लाख – ₹25 लाख

इंस्टॉलेशन + सेटअप कॉस्ट

चार्जिंग स्टेशन में इंस्टॉलेशन, वायरिंग, शेड, साइनबोर्ड, ऐप मैनेजमेंट आदि पर भी खर्च होता है।

  • वायरिंग व MCB: ₹40,000 – ₹1,00,000
  • ट्रांसफॉर्मर (जरूरत हो तो): ₹3–7 लाख
  • शेड और साइनबोर्ड: ₹40,000 – ₹1 लाख
  • सॉफ्टवेयर/App मैनेजमेंट: ₹15,000 – ₹50,000

ऊपर बताई गई सभी कीमतें अनुमानित हैं। सही लागत आपके द्वारा चुने गए चार्जर मॉडल, ब्रांड, पॉवर आउटपुट (kW), स्थान और इंस्टॉलेशन की खास जरूरतों के आधार पर भिन्न हो सकती है।

EV चार्जिंग स्टेशन खोलने का प्रोसेस

लोकेशन का चयन: ईवी चार्जिंग स्टेशन खोलने के लिए सबसे पहले एक अच्छी लोकेशन चुनने की जरूरत होती है, जैसे हाईवे, मॉल, पेट्रोल पंप के पास या किसी अपार्टमेंट/ऑफिस एरिया के आसपास। ऐसी जगहों पर स्टेशन लगाना हमेशा फायदेमंद रहता है।

बिजली कनेक्शन के लिए आवेदन: हाई-लोड बिजली कनेक्शन के लिए आवेदन करना है। DISCOM लोड का निरीक्षण करता है और मीटर इंस्टॉल करता है। सुरक्षा मानकों का पालन जरूरी है।

चार्जर खरीदना: चार्जर खरीदने के लिए भारत में कई सारे विश्वसनीय EV चार्जर ब्रांड उपलब्ध हैं जिनसे आप चार्जर ले सकते हैं, जैसे Exicom, Delta, ABB, Tata Power, Statiq और ChargeZone। जरूरत के अनुसार स्लो, फास्ट या DC चार्जर खरीद सकते हैं।

इंस्टॉलेशन: चार्जर इंस्टॉल करते समय वायरिंग, चार्जर माउंटिंग, टेस्टिंग और ऐप कनेक्टिविटी की प्रक्रिया की जाती है ताकि चार्जिंग का पूरा सिस्टम स्मार्ट और अच्छे तरीके से काम करे।

सरकारी नियमों का पालन: इंस्टॉलेशन के बाद Fire Safety, BIS चार्जर, मीटरिंग और PCI Norms को पूरा करना होता है।

ऐप/पेमेंट इंटीग्रेशन: पूरी प्रक्रिया हो जाने के बाद चार्जर को किसी भी चार्जिंग ऐप के साथ जोड़ दिया जाता है, जैसे Statiq, Bolt, Tata Power EZ Charge या ChargeZone. इससे आपको बुकिंग, पेमेंट और रिपोर्टिंग की सुविधा मिलती है।

इलेक्ट्रिक व्हीकल चार्जिंग स्टेशन से कमाई कैसे होती है?

इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन से कमाई चार्जिंग यूनिट (kWh) पर होती है। AC स्लो चार्जर से कमाई कम होती है, जबकि DC फास्ट चार्जिंग में हाई ट्रैफिक फर्स्ट बिजली खर्च के कारण अच्छी कमाई होती है।

चार्जिंग रेट (2025 में औसत):

  • Slow AC: ₹8–₹12 प्रति kWh
  • Fast DC: ₹15–₹22 प्रति kWh

यदि एक स्लो चार्जर पर दिन की 40 यूनिट बिजली खपत होती है, तो महीने में लगभग ₹18,000 तक की कमाई हो सकती है। वहीं, अगर DC फास्ट चार्जर पर 250 यूनिट दिन की खपत होती है, तो आपकी कमाई लगभग ₹135,000 या उससे अधिक हो सकती है। अगर ट्रैफिक ज्यादा आती है और दिन की यूनिट ज्यादा खपत होती है, तो कमाई और भी बढ़ सकती है। यह आपके डेली ट्रैफिक पर निर्भर करता है।

ROI और ब्रेक-ईवन

स्लो चार्जर का ROI ज्यादा तेज होता है क्योंकि इसमें निवेश कम लगता है। इसीलिए यह आपकी लागत 6–10 महीने में निकल जाती है, जबकि DC फास्ट चार्जर में निवेश ज्यादा होता है लेकिन कमाई भी ज्यादा होती है। इसमें आपकी लागत निकलने में लगभग 12–24 महीने लग सकते हैं। स्टेशन पर अगर डेली ट्रैफिक ज्यादा हो, तो ROI और जल्दी निकल सकता है।

इलेक्ट्रिक व्हीकल चार्जिंग स्टेशन खोलने के फायदे

इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन एक फ्यूचर प्रूफ बिजनेस है। इलेक्ट्रिक वाहनों के बढ़ते मार्केट के कारण आने वाले समय में चार्जिंग स्टेशन की भी मांग बढ़ने वाली है। आपको कम ऑपरेटिंग कॉस्ट, रिपीट ग्राहक और हाईवे और शहरी दोनों क्षेत्रों में स्थिर आय का फायदा मिलता है। सरकार की नीति भी इस बिजनेस को बढ़ावा देती है।

ईवी चार्जिंग स्टेशन शुरू करने में चैलेंज

इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन खोलने में शुरुआती तौर पर कुछ चुनौतियां आती हैं, जैसे कि DC फास्ट चार्जर की ऊंची कीमत, शुरुआती महीनों में कम ट्रैफिक, बिजली लोड अप्रूवल में समय और सही लोकेशन ढूंढने की कठिनाई। हालांकि, इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशन बिजनेस प्लान बनाकर और सही लोकेशन के साथ काम शुरू करने पर ये समस्याएँ जल्दी खत्म हो जाती हैं।

निष्कर्ष

अभी के टाइम पर इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन का बिजनेस शुरू करना एक बेहतरीन विचार है। चूँकि अभी कोई भी खास परमिशन की आवश्यकता नहीं होती है, इसलिए यह शुरू करना आसान है और आने वाले समय में यह इंडस्ट्री बहुत बढ़ने वाली है, जिससे यह बिजनेस भविष्य में बहुत फायदेमंद साबित हो सकता है। बस अच्छे लोकेशन, सही उपकरण और सही प्लानिंग के साथ स्टार्ट करें। आपकी कमाई 50% आपके लोकेशन पर निर्भर करती है, इसलिए सही लोकेशन का चुनाव ही आपकी सफलता की कुंजी है।

Leave a Comment