परिचय
आज के उभरते EV के युग में EV चार्जिंग की समस्या आम हो चुकी है। बहुत से लोग EV चार्जिंग का प्रकार और समय की परेशानियों से जूझ रहे हैं; हो सकता है आप भी उनमें से एक हों। इस ब्लॉग पोस्ट में आप जानेंगे EV चार्जिंग के तीन प्रकार – फास्ट, स्लो और मीडियम – और यह भी कि कैसे आप इन विकल्पों की मदद से अपनी चार्जिंग की समस्याओं को दूर कर सकते हैं और अपनी EV ड्राइविंग को बना सकते हैं और भी स्मूथ।
Table of Contents
EV चार्जिंग का प्रकार और समय
ईवी चार्जिंग मुख्य रूप से तीन प्रकार के होते हैं और इन तीनों के चार्जिंग टाइम अलग-अलग होती है।
घरेलू स्लो AC चार्जिंग (लेवल 1)
घरेलू लेवल 1 AC चार्जिंग में 15A सॉकेट और 120V आउटलेट का इस्तेमाल किया जाता है। इस चार्जर की कीमत सस्ती होती है लेकिन चार्जिंग स्लो होती है। इससे एक ईवी को चार्ज करने में 24 घंटे या उससे भी अधिक समय लगता है। यह चार्जर कम दूरी, छोटे शहर या रात में गाड़ी खड़ी करने वालों के लिए सुरक्षित और फायदेमंद विकल्प है।

फास्ट AC चर्जिंग (लेवल 2)
फास्ट AC चार्जिंग (लेवल 2) 240V आउटलेट का उपयोग होता है। इस चार्जर से ईवी को चार्ज करने में 6-12 घंटे का समय लगता है। यह चार्जर स्लो से तेज और डीसी से सस्ता होता है। रोजाना इस्तेमाल करने वालों के लिए समय की बचत और सुविधा का संतुलित विकल्प है।
DC फास्ट चार्जिंग
DC फास्ट चार्जिंग तेज चार्जिंग का सबसे बढ़िया और सबसे महंगा तरीका है। इससे ईवी को चार्ज करने में 25-60 मिनट लगते हैं। यह आपकी बैटरी की क्षमता और चार्जर की क्षमता पर निर्भर करता है, लेकिन फास्ट चार्जर बैटरी पर ज्यादा दबाव डालता है। इससे बैटरी लाइफ कम होने लगती है, इसलिए यह चार्जर हमेशा के लिए रिकमेंडेड नहीं है। यह चार्जर सिर्फ लंबी दूरी की यात्रा और इमरजेंसी के दौरान सुविधाजनक है।
EV चार्जिंग में लगने वाला समय किन कारकों पर निर्भर करता है?
हर EV को चार्ज होने में लगने वाला समय अलग हो सकता है, क्योंकि यह कई बातों पर निर्भर करता है।
- बैटरी की साइज (kWh): बैटरी जितनी बड़ी होगी, उसे पूरी तरह चार्ज होने में उतना ही ज्यादा समय लगेगा।
- चार्जर की पावर (kW): हाई पावर वाला चार्जर बैटरी को जल्दी चार्ज कर देता है।
- बैटरी की टेक्नोलॉजी: नई और एडवांस टेक्नोलॉजी वाली बैटरियाँ पुरानी बैटरियों की तुलना में तेजी से चार्ज होती हैं।
- मौसम और बैटरी की हेल्थ: बहुत ज्यादा गर्मी या ठंड बैटरी की चार्जिंग स्पीड को प्रभावित करती है। साथ ही, पुरानी बैटरी को चार्ज होने में अधिक समय लगता है।
EV चार्जिंग की वास्तविक लागत (घर बनाम पब्लिक चार्जिंग)
EV चार्जिंग का प्रकार और समय को समझने के साथ-साथ इसकी वास्तविक लागत भी जाननी जरूरी होती है क्योंकि EV चार्जिंग की लागत कई चीजों पर निर्भर करती है। कहीं समय के हिसाब से पैसा लिया जाता है तो कहीं बिजली यूनिट के हिसाब से, और हर राज्य की बिजली दर अलग-अलग होती है; उसी हिसाब से लागत तय होती है।
- घरेलू EV चार्जिंग की कीमत आमतौर पर ₹6–10 प्रति यूनिट होती है।
- औसतन 1 यूनिट बिजली में EV 5–7 किलोमीटर चलती है।
- इस हिसाब से प्रति किलोमीटर खर्च लगभग ₹1 या उससे कम आता है।
- पब्लिक AC चार्जिंग की कीमत ₹10–16 प्रति यूनिट होती है।
- DC फास्ट चार्जिंग में लागत और बढ़ जाती है, जो ₹18–25 प्रति यूनिट तक होती है।
इसलिए रोजमर्रा के इस्तेमाल के लिए घरेलू चार्जिंग एक सुरक्षित और व्यवहारिक विकल्प है।
भारत में EV चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर
भारत में ईवी चार्जिंग स्ट्रक्चर को बढ़ावा देने के लिए सरकार कई योजनाएं चलाती है। जिसमें PM E-DRIVE जिसके तहत ईवी चार्जिंग स्टेशन खोलने वालों को सब्सिडी प्रदान करती है। यह सब्सिडी हर राज्य के अनुसार अलग-अलग हो सकती है। भारत सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले 2030 तक कुल वाहनों में से 30% बहनें ईवी हों और हर 20 से 25 किमी पर एक चार्जिंग स्टेशन हो।
- PM E-DRIVE योजना के तहत सब्सिडी
- शहर और हाईवे पर चार्जिंग स्टेशन
- 2030 तक का टारगेट: लाखों चार्जिंग स्टेशन लगाना
ईवी चार्जिंग का भविष्य
भारत में ईवी चार्जिंग का भविष्य ब्राइट है क्योंकि सरकार और निजी कंपनियां और नए स्टार्टअप ईवी चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को लगातार बढ़ा रहे हैं। सरकार की सब्सिडी और हर राज्य की अलग-अलग पॉलिसी की मदद से नए लोगों को भी ईवी चार्जिंग स्टेशन खोलना आसान हो रहा है। इसलिए आने वाले समय में ईवी अपनाना और भी आसान होगा और चार्जिंग स्टेशन के लिए भटकने की जरूरत नहीं होगी; बिना EV चार्जिंग का प्रकार और समय देखे आपका सफर आसान हो जाएगा।
- अल्ट्रा फास्ट चार्जिंग की मदद से EV को पौन घंटे से भी कम समय में पूरा चार्ज किया जा सकता है।
- बैटरी स्वैपिंग मॉडल: बैटरी बदलो, गाड़ी चलाओ।
- सोलर पावर्ड चार्जिंग स्टेशन
पहली बार EV खरीदने वालों के लिए सही चार्जिंग रणनीति
EV चार्जिंग का प्रकार और समय को समझना आसान है, लेकिन नए EV यूजर्स को सही चार्जिंग आदत अपनाना मुश्किल है क्योंकि बहुत सारे नए EV यूजर्स शुरू में ही गलती कर बैठते हैं। इसलिए उन्हें यह समझना जरूरी है कि घर, ऑफिस और रोजमर्रा के इस्तेमाल के लिए AC की नॉर्मल चार्जिंग सही और सुरक्षित विकल्प है। इससे गर्मी नियंत्रण होती है, बैटरी कम गर्म होती है और बैटरी लाइफ लंबे समय तक बनी रहती है।
वही DC चार्जिंग लंबी यात्रा और इमरजेंसी के दौरान इस्तेमाल करना व्यवहारिक है। फास्ट चार्जिंग रोजाना उपयोग के लिए नहीं है; इससे बैटरी हीटिंग होती है, बैटरी पर ज्यादा प्रभाव पड़ता है, और बैटरी लाइफ कम होने लगती है। इसलिए सही आदत अपनाकर कर ईवी अनुभव अधिक भरोसेमंद और किफायती बना सकते हैं।
EV चार्जिंग से जुड़ी आम गलतफहमियाँ जो यूज़र को नुकसान पहुँचाती हैं
बहुत सारे ईवी यूजर्स को ईवी चार्जिंग को लेकर गलतफहमियां होती हैं कि DC फास्ट चार्जिंग रोजाना के लिए बेहतर है, जबकि इसका बार-बार इस्तेमाल करने से बैटरी लाइफ कम होने लगती है। दूसरी आम गलती यह है कि लोग 100% चार्ज कर देते हैं, जबकि विशेषज्ञ का कहना है कि सही और सुरक्षित चार्जिंग के लिए 20–80% चार्जिंग सही है; इससे बैटरी हेल्थ बेहतर रहती है। इसके अलावा, बहुत सारे लोग सस्ती के चक्कर में लोकल चार्जर का उपयोग करते हैं; इससे ओवरहीटिंग या शॉर्ट सर्किट की समस्या हो जाती है। इसलिए गलतफहमी को दूर करना और सुरक्षित चार्जिंग का इस्तेमाल करना बहुत जरूरी है।
EV चार्ज करने के सही नियम – सुरक्षित और तेज़ चार्जिंग का तरीका
जब हम EV चार्जिंग का प्रकार और समय समझ लेते हैं, तो सही चार्जर अपनाना और भी आसान हो जाता है। हमेशा कंपनी के ओरिजिनल चार्जर का इस्तेमाल करें क्योंकि इससे फास्ट चार्जिंग ही नहीं बल्कि बैटरी हेल्थ भी बेहतर रहती है। चार्जिंग से पहले सॉकेट और केबल की स्थिति जांच लेनी चाहिए ताकि शॉर्ट सर्किट या ओवरहीटिंग से बचा जा सके। अगर आपके पास फास्ट चार्जिंग सुविधा है, तो 100% चार्ज ना करें; 80% तक ही चार्ज करें। इससे आपकी बैटरी बची रहती है। साथ ही चार्जिंग के समय हवा का प्रभाव बनाए रखें ताकि तापमान बराबर रहे। EV चार्जिंग का प्रकार और समय के बारे में सीखकर कम समय में फास्ट चार्जिंग कर सकते हैं।
निष्कर्ष
EV चार्जिंग का प्रकार और समय आप अपनी ज़रूरत के हिसाब से चुन सकते हैं। छोटी दूरी या गाँव, कस्बे और छोटे शहरों के लिए लेवल 1 चार्जिंग आपके लिए सही विकल्प है। वहीं, डेली इस्तेमाल और लंबी ट्रिप के लिए लेवल 2 चार्जिंग बेहतरीन विकल्प साबित होती है। अगर आपके पास समय कम है और स्मूथ ड्राइविंग का अनुभव चाहिए तो DC फास्ट चार्जिंग एक शानदार विकल्प है। आप अपने ड्राइविंग एरिया के समय को देखते हुए एक अच्छी चार्जिंग लेवल का चयन करें। उम्मीद है अब आप EV चार्जिंग का प्रकार और समय को बेहतर तरीके से समझ चुके होंगे।
EV के उभरते बाजार को देखकर EV चार्जिंग की समस्या और भी आसान होती जा रही है, इसलिए आने वाले समय में आम लोगों के लिए EV अपनाना और भी आसान हो जाएगा।
FAQ
क्या रोज DC फास्ट चार्जिंग नुकसानदेह है?
हाँ, इससे बैटरी जल्दी degrade होती है।
क्या EV को रात भर चार्ज पर छोड़ सकते हैं?
हाँ, लेकिन बेहतर है 80% तक।
घर पर चार्जर लगवाने का खर्च कितना है?
₹25,000 से ₹50,000 तक।
Thankyou for knowledge